🧘 अनुलोम-विलोम क्या है?
इसमें बारी-बारी से एक नथुने से साँस लेकर दूसरे से छोड़ी जाती है। यह सबसे सरल और सबसे लोकप्रिय प्राणायाम है — हर उम्र के लोग कर सकते हैं।
📝 करने की विधि
- सुखासन या पद्मासन में सीधे बैठें, कमर सीधी।
- दाएँ हाथ के अँगूठे से दायाँ नथुना बंद करें।
- बाएँ नथुने से धीरे-धीरे गहरी साँस लें।
- अनामिका उँगली से बायाँ नथुना बंद करें, अँगूठा हटाएँ और दाएँ से साँस छोड़ें।
- अब दाएँ से साँस लें, बाएँ से छोड़ें — यह एक चक्र हुआ।
- शुरुआत में 5 मिनट, धीरे-धीरे 10–15 मिनट तक बढ़ाएँ।
💪 फायदे
- मन शांत होता है, तनाव और चिंता कम होती है।
- साँस लेने की क्षमता बढ़ती है।
- नींद बेहतर होती है।
- BP संतुलित रखने में सहायक।
- एकाग्रता बढ़ती है — विद्यार्थियों के लिए अच्छा।
अपनी दिनचर्या के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शन चाहते हैं?
ऑनलाइन और व्यक्तिगत परामर्श उपलब्ध है।
⏰ कब करें?
सुबह ख़ाली पेट, खुली हवा में सबसे अच्छा। भोजन के 3–4 घंटे बाद भी कर सकते हैं।
⚠️ ज़रूरी बात
साँस ज़बरदस्ती न रोकें — आराम से, बिना ज़ोर लगाए करें। चक्कर या बेचैनी हो तो रुक जाएँ। हृदय रोग, हाई BP या गर्भावस्था में साँस रोकना (कुंभक) न करें, और योग प्रशिक्षक की देखरेख में शुरुआत करें।
— विक्रम प्राकृतिक परामर्श · परामर्श के लिए: 9893687269
In short (English)
Anulom-vilom (alternate-nostril breathing): sit straight, close the right nostril with the thumb and inhale through the left, close the left with the ring finger and exhale through the right, then reverse — start with 5 minutes and build to 10–15. It calms the mind, improves breathing, sleep and focus. Don't force breath-holding; heart, high-BP and pregnant practitioners should skip retention.
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अनुलोम-विलोम कितनी देर करना चाहिए?
शुरुआत में 5 मिनट, फिर धीरे-धीरे 10–15 मिनट।
अनुलोम-विलोम के फायदे क्या हैं?
मन शांत होता है, तनाव कम होता है, साँस की क्षमता और नींद बेहतर होती है।
अनुलोम-विलोम कब करें?
सुबह ख़ाली पेट, खुली हवा में।