🌞 पूरे शरीर का व्यायाम
सूर्य नमस्कार 12 आसनों की एक श्रृंखला है, जो साँस के साथ की जाती है। यह 10 मिनट में पूरे शरीर का व्यायाम है।
📝 12 चरण
- प्रणामासन — हाथ जोड़कर खड़े हों।
- हस्त उत्तानासन — साँस लेते हुए हाथ ऊपर, पीछे झुकें।
- पादहस्तासन — साँस छोड़ते हुए आगे झुकें।
- अश्व संचालनासन — दायाँ पैर पीछे, नज़र ऊपर।
- दंडासन — दोनों पैर पीछे, शरीर सीधा।
- अष्टांग नमस्कार — घुटने, सीना, ठोड़ी ज़मीन पर।
- भुजंगासन — साँस लेते हुए सीना ऊपर।
- पर्वतासन — कूल्हे ऊपर, उल्टा V।
- अश्व संचालनासन — दायाँ पैर आगे।
- पादहस्तासन।
- हस्त उत्तानासन।
- प्रणामासन।
दूसरे राउंड में बायाँ पैर पहले पीछे ले जाएँ। शुरुआत में 3–5 राउंड, धीरे-धीरे 12 तक।
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💪 फायदे
- शरीर लचीला और मज़बूत।
- पाचन सुधरता है।
- वज़न संतुलित रखने में मदद।
- रक्त संचार बेहतर।
- मन शांत और ताज़ा।
⚠️ ज़रूरी बात
सुबह ख़ाली पेट, धीरे-धीरे करें। कमर दर्द, स्लिप डिस्क, हाई BP, हृदय रोग, गर्भावस्था या हाल के ऑपरेशन में डॉक्टर या योग प्रशिक्षक से पूछकर ही करें।
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In short (English)
Surya namaskar is a 12-posture flow done with the breath: pranamasana, hasta uttanasana, padahastasana, ashwa sanchalanasana, dandasana, ashtanga namaskara, bhujangasana, parvatasana, then back in reverse. Start with 3–5 rounds on an empty stomach and build to 12. It improves flexibility, strength, digestion and weight. Check first with back problems, high BP, heart disease or pregnancy.
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रोज़ कितने सूर्य नमस्कार करें?
शुरुआत में 3–5 राउंड, धीरे-धीरे 12 राउंड तक।
सूर्य नमस्कार कब करना चाहिए?
सुबह ख़ाली पेट, सूर्योदय के समय सबसे अच्छा।
क्या सूर्य नमस्कार से वज़न कम होता है?
हाँ, सही भोजन के साथ नियमित सूर्य नमस्कार वज़न घटाने में मदद करता है।