🐝 भ्रामरी क्या है?
इसमें साँस छोड़ते समय भौंरे (भ्रमर) जैसी गुनगुनाहट की आवाज़ की जाती है। यह कुछ ही मिनटों में मन को शांत कर देता है।
📝 करने की विधि
- आराम से सीधे बैठें, आँखें बंद।
- दोनों अँगूठों से कान के छेद हल्के से बंद करें (षण्मुखी मुद्रा में बाक़ी उँगलियाँ आँखों और चेहरे पर)।
- नाक से गहरी साँस लें।
- मुँह बंद रखकर "म्म्म…" की गुनगुनाहट के साथ धीरे-धीरे साँस छोड़ें।
- 5–7 बार दोहराएँ।
💪 फायदे
- तनाव, चिंता और गुस्सा कम होता है।
- नींद अच्छी आती है — सोने से पहले करें।
- सिरदर्द और मन की बेचैनी में आराम।
- एकाग्रता बढ़ती है।
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⚠️ ज़रूरी बात
कान में दर्द या संक्रमण हो तो कान न दबाएँ। लेटकर न करें। गहरी उदासी या घबराहट लगातार रहे तो मदद ज़रूर लें।
— विक्रम प्राकृतिक परामर्श · परामर्श के लिए: 9893687269
In short (English)
Bhramari: sit comfortably, close the ears with the thumbs, inhale deeply and exhale slowly with a humming 'mmm' sound, 5–7 times. It quickly calms stress and anger and helps sleep and headaches. Don't press infected ears.
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भ्रामरी प्राणायाम के फायदे?
तनाव, गुस्सा और चिंता कम होती है, नींद अच्छी आती है।
भ्रामरी कितनी बार करें?
5–7 बार, दिन में 1–2 बार; सोने से पहले भी कर सकते हैं।