💨 कपालभाति क्या है?
इसमें नाक से झटके से साँस बाहर छोड़ी जाती है और साँस अपने-आप अंदर आती है। इससे पेट की मांसपेशियाँ सक्रिय होती हैं और शरीर में ऊर्जा आती है।
📝 करने की विधि
- सीधे बैठें, हाथ घुटनों पर।
- सामान्य साँस लें।
- नाक से झटके से साँस बाहर छोड़ें — पेट अंदर जाए।
- साँस अपने-आप अंदर आने दें, ज़ोर से न खींचें।
- शुरुआत में 1 मिनट में 30–40 बार; 3 राउंड, बीच में आराम।
- धीरे-धीरे 5 मिनट तक बढ़ाएँ।
💪 फायदे
- पाचन सुधारता है, कब्ज़ में सहायक।
- पेट की चर्बी घटाने में मदद।
- शरीर में ताज़गी और ऊर्जा।
- नाक और साँस की नलियाँ साफ़ होती हैं।
अपनी दिनचर्या के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शन चाहते हैं?
ऑनलाइन और व्यक्तिगत परामर्श उपलब्ध है।
🚫 किसे नहीं करना चाहिए?
गर्भवती महिलाएँ, पीरियड्स के दौरान, हाई BP, हृदय रोग, मिर्गी, हर्निया, हाल में पेट का ऑपरेशन, अल्सर — ये कपालभाति न करें।
⚠️ ज़रूरी बात
हमेशा ख़ाली पेट करें। चक्कर, सिरदर्द या पेट दर्द हो तो रुक जाएँ। शुरुआत योग प्रशिक्षक की देखरेख में करें।
— विक्रम प्राकृतिक परामर्श · परामर्श के लिए: 9893687269
In short (English)
Kapalbhati: sit straight and exhale forcefully through the nose, letting inhalation happen passively — start with 3 rounds of 30–40 strokes and build to 5 minutes, on an empty stomach. It aids digestion, constipation and energy. Avoid it in pregnancy, during periods, with high BP, heart disease, epilepsy, hernia, ulcers or recent abdominal surgery.
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कपालभाति कितनी देर करना चाहिए?
शुरुआत में 1-1 मिनट के 3 राउंड, फिर धीरे-धीरे 5 मिनट तक।
कपालभाति किसे नहीं करना चाहिए?
गर्भवती, पीरियड्स में, हाई BP, हृदय रोग, मिर्गी, हर्निया या हाल के पेट के ऑपरेशन वाले।
क्या कपालभाति से पेट कम होता है?
यह पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है और पाचन सुधारता है — सही भोजन और व्यायाम के साथ पेट की चर्बी घटाने में मदद करता है।