🍑 बवासीर क्यों होती है?
मलद्वार की नसों में सूजन को बवासीर कहते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है — कब्ज़ और शौच में ज़ोर लगाना। लंबे समय तक बैठे रहना, गर्भावस्था, कम पानी और कम फाइबर वाला भोजन भी कारण हैं।
🥗 क्या खाएँ?
- फाइबर — हरी सब्ज़ियाँ, सलाद, दलिया, साबुत अनाज, दालें।
- फल — पपीता, अमरूद, नाशपाती, केला, अंजीर (भिगोया हुआ)।
- रात को गुनगुने पानी या दूध के साथ 1–2 चम्मच इसबगोल।
- दिनभर 2.5–3 लीटर पानी।
- छाछ।
🚫 क्या कम करें?
मिर्च-मसाला, तला-भुना, मैदा, बेकरी, मांस, शराब और बहुत ज़्यादा चाय-कॉफ़ी।
अपनी दिनचर्या के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शन चाहते हैं?
ऑनलाइन और व्यक्तिगत परामर्श उपलब्ध है।
🛁 घरेलू देखभाल
- सिट्ज़ बाथ — टब में गुनगुना पानी भरकर 10–15 मिनट बैठें, दिन में 2–3 बार।
- शौच की इच्छा होते ही जाएँ, रोकें नहीं।
- शौच में ज़ोर न लगाएँ, मोबाइल लेकर देर तक न बैठें।
- पैरों के नीचे छोटा स्टूल रखें — शौच आसान होता है।
- रोज़ टहलें; लंबे समय तक लगातार न बैठें।
⚠️ ज़रूरी बात
मल में ख़ून आना बवासीर के अलावा आँत के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है — ख़ासकर 40 की उम्र के बाद, वज़न घटने या मल की आदत बदलने के साथ। ज़्यादा ख़ून, तेज़ दर्द, या मस्सा बाहर निकलकर अंदर न जाए — डॉक्टर को ज़रूर दिखाएँ।
— विक्रम प्राकृतिक परामर्श · परामर्श के लिए: 9893687269
In short (English)
Piles are mostly caused by constipation and straining. Eat fibre (vegetables, porridge, whole grains, papaya, guava, soaked figs), take isabgol at night, drink 2.5–3 litres of water and cut spice, fried food, maida and alcohol. Use warm sitz baths, go when you feel the urge, don't strain or sit long on the toilet, use a footstool and walk daily. Rectal bleeding — especially after 40 or with weight loss — must be checked by a doctor.
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बवासीर में क्या खाना चाहिए?
फाइबर वाले भोजन — सब्ज़ियाँ, दलिया, पपीता, अमरूद — रात को इसबगोल और भरपूर पानी।
बवासीर में क्या नहीं खाना चाहिए?
मिर्च-मसाला, तला-भुना, मैदा, मांस और शराब।
सिट्ज़ बाथ कैसे करें?
टब में गुनगुना पानी भरकर 10–15 मिनट बैठें, दिन में 2–3 बार।
बवासीर में ख़ून आए तो?
डॉक्टर को ज़रूर दिखाएँ — ख़ासकर 40 के बाद, क्योंकि यह गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है।