🥛 छाछ — रसोई की औषधि
"भोजन के अंत में छाछ" — आयुर्वेद में इसे "तक्र" कहा गया है और पाचन के लिए अमृत माना गया है।
🧪 छाछ में क्या होता है?
छाछ में अच्छे बैक्टीरिया (प्रोबायोटिक), कैल्शियम, प्रोटीन और पानी होता है, और कैलोरी कम।
💪 छाछ के फायदे
- पाचन सुधारती है — आँतों के अच्छे बैक्टीरिया।
- एसिडिटी और पेट की जलन में आराम।
- गर्मी और लू से बचाव।
- वज़न घटाने वालों के लिए अच्छा पेय।
- कैल्शियम का अच्छा स्रोत।
अपनी दिनचर्या के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शन चाहते हैं?
ऑनलाइन और व्यक्तिगत परामर्श उपलब्ध है।
🍽️ कैसे लें?
- मसाला छाछ — 1 कटोरी दही में 2 कटोरी पानी, भुना जीरा, काला नमक, पुदीना और हरा धनिया डालकर मथें।
- दोपहर के भोजन के साथ या बाद।
- ताज़ी बनाकर पिएँ, बहुत खट्टी न हो।
⚠️ ज़रूरी बात
रात में छाछ कम पिएँ, ख़ासकर सर्दी-जुकाम में। बहुत खट्टी छाछ से एसिडिटी बढ़ सकती है। किडनी रोग में नमक और मात्रा परामर्श लेकर तय करें।
— विक्रम प्राकृतिक परामर्श · परामर्श के लिए: 9893687269
In short (English)
Chhachh (takra) is a cooling probiotic drink that aids digestion, eases acidity, beats the heat and supports weight loss. Make masala chhachh by churning 1 bowl curd with 2 bowls water, roasted cumin, black salt, mint and coriander; drink it fresh with or after lunch. Limit it at night and with colds.
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
छाछ कब पीनी चाहिए?
दोपहर के भोजन के साथ या बाद।
मसाला छाछ कैसे बनाएँ?
1 कटोरी दही, 2 कटोरी पानी, भुना जीरा, काला नमक, पुदीना और धनिया डालकर मथें।
क्या रात में छाछ पी सकते हैं?
रात में कम पिएँ, ख़ासकर सर्दी-जुकाम में।